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PM Surya Ghar Yojana 2026PM Surya Ghar Yojana 2026

PM Surya Ghar Yojana 2026: देश में बिजली के बढ़ते खर्च के बीच रूफटॉप सोलर आम परिवारों के लिए बड़ी राहत बनता जा रहा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने वाले लाखों परिवारों को बिजली बिल में बड़ी बचत हो रही है। जुलाई 2026 में सरकार ने बताया कि योजना के तहत 18.93 लाख से अधिक घरों में कुछ महीनों के दौरान बिजली बिल शून्य तक पहुंचा है। हालांकि, हर महीने हर परिवार का बिल शून्य होना जरूरी नहीं है, क्योंकि बचत घर की बिजली खपत, सोलर उत्पादन और ग्रिड से ली गई बिजली पर निर्भर करती है। यह योजना फरवरी 2024 में शुरू हुई थी और इसका लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 तक देश के एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम पहुंचाना है। 22 जुलाई 2026 तक करीब 39.72 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके थे, जिनसे लगभग 48.03 लाख घर लाभान्वित हुए। इससे साफ है कि योजना अब केवल सरकारी घोषणा नहीं रही, बल्कि बड़ी संख्या में परिवार इसका वास्तविक लाभ उठा रहे हैं।

19 लाख घरों का बिल जीरो कैसे हुआ?

सोलर पैनल दिन के समय सूर्य की रोशनी से बिजली बनाते हैं। घर में जितनी बिजली तत्काल इस्तेमाल होती है, वह सीधे घरेलू उपकरणों में काम आती है। अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जा सकती है और बिजली वितरण कंपनी के नियमों के अनुसार उसका समायोजन किया जाता है। इसी वजह से जिन परिवारों का सोलर उत्पादन उनकी खपत के करीब या उससे अधिक होता है, उनका बिजली बिल काफी कम हो सकता है और कुछ महीनों में शून्य भी हो सकता है। सरकार के अनुसार 22 जुलाई 2026 तक योजना के तहत 18.93 लाख से अधिक घरों ने कुछ महीनों में शून्य बिजली बिल की सूचना दी। जून 2026 में सरकार ने भी बताया था कि 17 लाख से ज्यादा परिवारों ने शून्य बिजली बिल हासिल किया था। यानी कुछ ही समय में ऐसे परिवारों की संख्या में और बढ़ोतरी हुई है।

कितनी मिलती है सोलर सब्सिडी?

PM Surya Ghar Yojana में घर की छत पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाती है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक सब्सिडी अधिकतम 78,000 रुपये तक हो सकती है। आम तौर पर 1 किलोवाट से 3 किलोवाट तक की क्षमता वाले घरेलू सिस्टम के लिए अलग-अलग स्तर पर केंद्रीय सहायता निर्धारित है।

सोलर क्षमताकेंद्रीय सब्सिडी
1 किलोवाट₹30,000 तक
2 किलोवाट₹60,000 तक
3 किलोवाट या अधिक₹78,000 तक

सरकार ने 2026-27 के लिए योजना का बजटीय आवंटन बढ़ाकर 22,000 करोड़ रुपये कर दिया है। इसके अलावा, मध्यम आय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए कम ब्याज वाले बिना जमानत के लोन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। जुलाई 2026 की सरकारी जानकारी के अनुसार ऐसे लोन की मौजूदा ब्याज दर 5.75 प्रतिशत सालाना और अवधि 10 वर्ष तक है।

कौन ले सकता है PM Surya Ghar Yojana का लाभ?

यह योजना केवल किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है। देश में ऐसा कोई भी घरेलू बिजली उपभोक्ता, जिसके पास स्थानीय DISCOM का ग्रिड-कनेक्टेड बिजली कनेक्शन है, राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन कर सकता है। योजना मांग आधारित है, यानी पात्र परिवार अपनी जरूरत के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन से पहले कुछ जरूरी बातों की जांच करना बेहतर रहेगा:

  • घर में वैध घरेलू बिजली कनेक्शन होना चाहिए।
  • बिजली कनेक्शन संबंधित DISCOM से जुड़ा होना चाहिए।
  • सोलर सिस्टम लगाने के लिए उपयुक्त छत उपलब्ध होनी चाहिए।
  • आवेदन के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अधिकृत विक्रेता से सिस्टम लगवाना होता है।
  • सब्सिडी और इंस्टॉलेशन से जुड़े चरण पूरे होने के बाद सहायता निर्धारित प्रक्रिया के तहत जारी की जाती है।

आवेदन कैसे करें?

PM Surya Ghar Yojana के लिए आवेदन राष्ट्रीय पोर्टल के जरिए किया जाता है। आवेदक को पहले अपना राज्य और बिजली वितरण कंपनी चुननी होती है। इसके बाद बिजली कनेक्शन से संबंधित जानकारी दर्ज करके रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन आगे बढ़ाया जाता है। आवेदन के बाद उपलब्ध विक्रेताओं में से उपयुक्त विक्रेता का चयन किया जा सकता है। सिस्टम की क्षमता, कीमत और इंस्टॉलेशन से जुड़ी जानकारी पहले स्पष्ट कर लेना जरूरी है। सोलर सिस्टम लगने के बाद संबंधित DISCOM की प्रक्रिया के अनुसार निरीक्षण और मीटरिंग का चरण पूरा होता है। इसके बाद पात्रता के अनुसार केंद्रीय सहायता का भुगतान किया जाता है। सरकार ने इस योजना को आसान बनाने के लिए कम ब्याज वाले वित्तपोषण और RESCO तथा Utility-Led Aggregation जैसे मॉडल भी शामिल किए हैं। इसका उद्देश्य खासतौर पर उन परिवारों तक रूफटॉप सोलर पहुंचाना है, जो शुरुआती लागत के कारण सिस्टम नहीं लगवा पा रहे थे।

बिजली बिल के साथ कमाई का भी रास्ता

PM Surya Ghar Yojana का फायदा केवल बिजली का खर्च घटाने तक सीमित नहीं है। अगर किसी घर में सोलर सिस्टम जरूरत से ज्यादा बिजली पैदा करता है, तो अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजने की व्यवस्था हो सकती है। इससे बिजली बिल में समायोजन या उपलब्ध नियमों के अनुसार आर्थिक लाभ मिल सकता है। सरकार ने बताया है कि योजना के तहत अब तक बड़ी संख्या में घरों में रूफटॉप सोलर लगाया जा चुका है। मार्च 2026 तक योजना के तहत 9,566.89 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ी जा चुकी थी। सरकार का अनुमान है कि एक करोड़ घरों में सोलर लगाने से बड़े पैमाने पर स्वच्छ बिजली उत्पादन होगा और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। ग्रामीण और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए इसका महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि लंबे समय में बिजली की लागत को नियंत्रित करने का एक विकल्प मिलता है। हालांकि, वास्तविक बचत हर घर में अलग होगी। यह सोलर सिस्टम की क्षमता, स्थानीय बिजली दर, मौसम, घर की खपत और नेट मीटरिंग से जुड़े नियमों पर निर्भर करती है।

FAQ

PM Surya Ghar Yojana में कितनी सब्सिडी मिलती है?

घरेलू रूफटॉप सोलर सिस्टम पर केंद्रीय सहायता अधिकतम 78,000 रुपये तक हो सकती है। वास्तविक सहायता सिस्टम की स्वीकृत क्षमता और योजना के लागू नियमों के अनुसार तय होती है।

क्या PM Surya Ghar Yojana से हर महीने बिजली बिल जीरो हो जाएगा?

जरूरी नहीं। योजना के तहत कई परिवारों ने कुछ महीनों में शून्य बिजली बिल की सूचना दी है, लेकिन हर महीने बिल जीरो होना घर की बिजली खपत, सोलर उत्पादन और ग्रिड से बिजली लेने की मात्रा पर निर्भर करता है।

PM Surya Ghar Yojana 2026 के लिए आवेदन कैसे करें?

पात्र घरेलू बिजली उपभोक्ता योजना के राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद DISCOM और अधिकृत विक्रेता से जुड़ी निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

By Sonam Gupta

Sonam Gupta is a Content Writer at SuchnaTak.in. He writes about Teacher Recruitment, Government Jobs, Education News, Scholarships, Admit Cards, Results, and Admissions, providing accurate and reliable updates from official sources.

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